अपील

मुव्मेंट फॉर पीस एंड जस्टिस फॉर वेलफेयर (एमपीजे) को आप की ज़रुरत है, क्योंकि आप ख़ुद समाज में एक बड़ा बदलाव चाहते हैं! आप की ज़रुरत इस लिए भी है की आप एक अच्छे दिल और दीमाग के मालिक हैं जो न केवल दूसरों का दर्द महसूस करता है बल्कि उस दर्द को बांटने में भी विश्वास करता है! नेल्सन मंडेला ने कहा था कि, एक अच्छा दिमाग और एक अच्छा दिल हमेशा से विजयी जोड़ी रहे हैं और आज हमें आप जैसे विजेताओं की ज़रुरत है!

आप प्रदेश की वर्तमान सामाजिक एवं आर्थिक दशा देख रहे हैं! प्रदेश में ग़रीबी, भुखमरी, बीमारी, बेरोज़गारी तथा भ्रष्टाचार जैसी अनेक समस्याएँ मुंह बाए खड़ी हैं! समाज का एक बड़ा तबक़ा आज भी ज़िन्दगी बसर करने के लिए ज़रूरी बुनयादी सुविधाओं से वंचित है! आज भी प्रदेश में सामाजिक एवं आर्थिक विषमता एवं असामनता साफ़ तौर पर नज़र आता है! हर व्यक्ति शांति एवं सुख का अभिलाषी है और इस लक्ष्य को पाने के लिए बड़े बदलाव की ज़रुरत है!

इसी बदलाव एवं लोगों को उसका अधिकार दिलाने के लिए ही तो सामाजिक संगठनें दिन और रात एक कर के काम कर रही हैं! यह सामाजिक संगठन ही तो है, जिसने सरकार से लड़कर आपको सूचना का अधिकार, शिक्षा का अधिकार तथा खाद्य सुरक्षा जैसे अनेक लाभ पहुंचाए! सामाजिक संगठनों को भी तो आप जैसे उर्जावान लोग ही चलाते हैं!

इसलिए एमपीजे को आप की ज़रुरत है, क्योंकि आप में बदलाव लाने की क्षमता है! महात्मा गाँधी ने भी तो कहा था कि, खुद वह बदलाव बनिए जो दुनिया में आप देखना चाहते हैं!

मेम्बरशिप फॉर्म डाउनलोड करने के लिए यहाँ क्लिक करें!

or connect with us on Whatsapp no.+91-9324201186

Food

Education

आरोग्य मंत्री महाराष्ट्र श्री राजेश टोपे ने एम पी जे के कामों को सराहा



एम पी जे महाराष्ट्र के शिष्ट मंडल के साथ स्वास्थ्य के मुद्दे पर बात-चीत करते हुए , श्री राजेश टोपे, माननीय स्वास्थ्य मंत्री, महाराष्ट्र ने एम पी जे के कामों को सराहते हुए कहा कि मैं पहले से इस संगठन को जानता हूँ, जो फ़ूड, एजुकेशन और हेल्थ पर बहुत अच्छा काम कर रही है. मंत्री महोदय ने हाल ही में संपन्न हुए स्वास्थ्य कैंपेन की प्रशंसा करते हुए कहा कि एम पी जे ने प्रदेश में पब्लिक हेल्थ सिस्टम का जो सर्वे किया है, वह डाटा मैं देखना चाहूँगा.      


एमपीजे ने आरोग्य मंत्री से मुलाक़ात कर के प्रदेश की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था को दुरुस्त करने का किया अनुरोध

 


एमपीजे के एक शिष्ट मंडल ने दिनांक 18 दिसम्बर 2020 को महाराष्ट्र के आरोग्य मंत्री मा. श्री राजेश टोपे जी से जालना में मुलाक़ात कर के उन्हें राज्य की लचर सार्वजानिक स्वास्थ्य व्यवस्था को ठीक करने का आग्रह किया. दरअसल मंत्री महोदय से ये मुलाक़ात हाल ही में एम पी जे द्वारा राज्यव्यापी स्तर पर प्राइमरी हेल्थ सेंटर से लेकर डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल का सर्वे किया गया. जिसके नतीजे बड़े ही निराशाजनक रहे.

 

गौर तलब है कि, Covid-19 के दौरान पब्लिक हेल्थ इंस्टीट्यूटशंस की  दयनीय हालत की वजह से आम जन को बड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ा और निजी अस्पतालों ने  Covid-19 के इलाज के लिए लोगों से मनमाना पैसा वसूल किया. उस के बाद संगठन ने राज्य के पब्लिक हेल्थ इंस्टीट्यूटशंस में उपलब्ध सुविधाओं की वास्तविक स्थिति जानने के लिए एक अभियान चलाया, जिसके तहत ये सर्वे किए गए. इस सर्वे में कई अस्पतालों में आई पी एच एस द्वारा निर्धारित मानदंडों के अनुरूप दर्जेदार हेल्थ केयर सुविधा उपलब्ध नहीं होने की बात सामने आई. श्री अज़ीम पाशा, एम पी जे प्रदेश सचिव के नेतृत्व में इस शिष्ट मंडल ने मंत्री महोदय से मुलाक़ात की जिसमें  श्री हुसैन खान, श्री अल्ताफ हुसैन, श्री ग्यासुद्दीन सय्यद और श्री मुहम्मद समीम आदि शामिल थे.

एमपीजे ने महाराष्ट्र सरकार से अल्पसंख्यक समुदायों के कल्याण पर ध्यान देने की लगाई गुहार

 



एमपीजे ने 18 दिसम्बर 2020 को अल्पसंख्यक अधिकार दिवस के अवसर पर प्रदेश के जलगाँव, नांदेड़ और लातूर ज़िलों में जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को एक मेमोरेंडम सौंप कर महारष्ट्र में अल्पसंख्यक समुदायों के कल्याण के लिए बनी योजनाओं पर अमलबजावणी का अनुरोध किया. बता दें कि मुस्लिम अल्पसंख्यक समुदाय के लोग जीवन के हर क्षेत्र में पीछे हैं. मुस्लिम समुदाय के पिछड़ेपन का ख़ुलासा विभिन्न सरकारी समितियों और आयोगों की रिपोर्ट से हुआ है. किन्तु उन समितियों और आयोगों के मुस्लिम समुदाय को पिछड़ेपन के दलदल से निकालने के लिए की गई सिफारिशें आज तक लागू नहीं हो सकी हैं. जिसकी वजह से मुस्लिम समुदाय और पिछड़ गया है.


इसलिए एमपीजे ने सरकार से अविलम्ब मुस्लिम समुदाय के कल्याणार्थ बनी समस्त योजनाओं के कार्यान्वयन के लिए आवश्यक क़दम उठाने की मांग की है.  एमपीजे ने प्रधानमंत्री १५ सूत्री कार्यक्रम और मल्टी सेक्टोरल डेवलपमेंट प्रोग्राम के कार्यान्वयन की समीक्षा किये जाने और इस के कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने की मांग की है. 










किसानों को न्याय दे सरकार: एम पी जे

 



मुव्हमेंट फॉर पीस एंड जस्टिस फॉर वेलफेयर (एम पी जे) महाराष्ट्र, आंध्रप्रदेश और तेलंगाना ने किसानों को न्याय देने की अपील करते हुए सरकार से किसानों की समस्याओं को हल करने का अनुरोध किया है. ग़ौर तलब है कि एम पी जे ने पहले भी विवादित तीन कृषि क़ानून को रद्द करने की मांग की थी.


एम पी जे शुरू से ही किसानों की समस्याओं को उठाती रही है और इन तीन क़ानूनों को लेकर कृषि विशेषज्ञों से सलाह मशविरा करने के बाद इस नतीजे पर पहुंची है कि, ये क़ानून न केवल किसान विरोधी हैं, बल्कि आम आदमी विरोधी भी हैं.


इसलिए संगठन ने इन क़ानूनों को रद्द करने और एम एस पी से नीचे की खरीद को अवैध घोषित करने की मांग सरकार से की है.


एम पी जे महाराष्ट्र में विभिन्न जिलों में अन्य किसान संगठनों के साथ मिलकर किसानों को न्याय दिलाने हेतु प्रयासरत है.


प्रदेश में विभिन्न स्थानों पर एम पी जे किसानों के हितार्थ धरना-प्रदर्शन कर रही है. इसके अलावा एम पी जे ने प्रदेश के विभिन्न भागों में ज़िला प्रशासन के माध्यम से मेमोरेंडम दे कर सरकार से किसानों की समस्याओं को हल करने का अनुरोध किया है.


























महाराष्ट्र की बीमार स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली को बेहतर करे सरकार: एम पी जे

 

परभणी में मेमोरेंडम प्रस्तुत करते हुए एम पी जे टीम

मुंबई: मुव्हमेंट फ़ॉर पीस एंड जस्टिस फ़ॉर वेलफेयर (एम पी जे) ने आज महाराष्ट्र की उद्धव ठाकरे सरकार से  प्रदेश की बीमार स्वास्थ्य व्यवस्था को ठीक करने की गुहार  लगाई है. एम पी जे ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को मेमोरेंडम सौंप कर बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था को ठीक करने और स्वास्थ्य पर जी डी पी का कम से कम 2% ख़र्च करने की अपील की है. 


गौर तलब है कि, कोविड-19 नाम की महामारी ने महाराष्ट्र में सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी है. कोरोना वायरस जैसी महामारी के सामने देश की सब से मज़बूत अर्थव्यवस्था वाले राज्य महाराष्ट्र के सरकारी हेल्थ केयर संस्थान बेबस नज़र आए और लॉक डाउन पीरियड में कोरोना से कम अन्य दूसरी बीमारियों में लोगों को समुचित हेल्थ केयर सुविधा नहीं मिलने की वजह से ज़्यादा मौतें हुई हैं.  


एम पी जे ने स्वास्थ्य के मुद्दे पर एक राज्यव्यापी आन्दोलन चलाया और इस आन्दोलन के दौरान हम ने पी एच सी से लेकर ज़िला अस्पताल तक का सर्वे किया. इस सर्वे में राज्य की सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था में अनेक खामियां सामने आई हैं. प्रदेश में जनसँख्या के अनुपात में हेल्थ केयर संसथान नहीं हैं. इसके अलावा आई पी एच एस मानदंडों के मुताबिक़ मिलने वाली सुविधाएँ उपलब्ध नहीं हैं. हज़ारों की तादाद में डॉक्टर्स और अन्य पैरामेडिकल स्टाफ़ के पद रिक्त पड़े हैं.


एम पी जे के इस अभियान से इस बात का ख़ुलासा हुआ है कि, महाराष्ट्र में कोविड-19 के इलाज के लिए निजी अस्पतालों ने मनमाना पैसा वसूल किया  है. इसलिए एम पी जे ने प्रदेश सरकार से स्वास्थ्य पर सरकारी ख़र्च बढ़ाने तथा क्लिनिकल एस्टब्लिश्मेंट्स (रजिस्ट्रेशन एंड रेगुलेशन) अधिनियम लागू करने की अपील की है.


मुंबई

ठाणे 


अकोला

नागपुर 

  



अमरावती 



औरंगाबाद 

जलगाँव 

लातूर   


सोलापुर

नाशिक

बीड




उस्मानाबाद 
पुणे
मीडिया कवरेज





































© Copyright 2015. MPJ, Maharashtra. This Blog is Designed, Customised and Maintained by Zinfomedia, the media arm of Brightworks Enterprises: Theme by Way2themes