नांदेड़ ज़िला के हैदरबाग़ अस्पताल को शुरू करने के लिए एम् पी जे ने लगाई अदालत से गुहार

मुंबई- महाराष्ट्र के नांदेड ज़िला स्थित तक़रीबन दो लाख की घनी आबादी वाले शहरी क्षेत्र हैदरबाग़ में वर्ष २००८ में करोड़ों रूपए की लागत से बनकर बेकार पड़े अस्पातल को शुरू कराने के लिए अब न्यायालय से गुहार लगाई गई हैसर्वविदित है कि, हैदर बाग़ के दस किलोमीटर क्षेत्र के अन्दर कोई अस्पताल नहीं है और पांच किलोमीटर क्षेत्र के अन्दर कोई प्रसूति गृह या नर्सिंग होम भी नहीं है! दर असल, इलाक़े का इकलौता सरकारी ज़िला अस्पताल को शहर से हटा कर तक़रीबन १७ किलोमीटर दूर विष्णुपुरी मे उपनगरीय क्षेत्र में हस्तांतरित कर दिया गया था, जिस के कारण स्थानीय निवासियों की ज़िन्दगी अजीरण बन गयी है! उचित सार्वजानिक ट्रांसपोर्ट सुविधा होने के कारण, ग़रीब एवं असहाय लोगों की अस्पताल तक पहुँच तो नामुमकिन सी बन गयी है!

गौर तलब है कि, स्थानीय लोगों को स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने की ग़र्ज़ से, वर्ष २००८ में ही हैदरबाग़ में एक नए सरकारी अस्पताल भवन का निर्माण कर लिया गया था तथा इस अस्पताल में प्रसूति एवं महिला रोग के इलाज हेतु २५ बेड तथा ५० आई पी डी बेड्स के साथ अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गयी थी! किन्तु, स्थानीय नागरीक आज तक इस अस्पताल के शुरू होने की राह ही देखते रहे!

लोगों की परेशानियों को देखते हुए सामाजिक आन्दोलन के रूप में विख्यात मोव्मेंट फॉर पीस एंड जस्टिस, महाराष्ट्र की नांदेड इकाई ने हैदर बाग़ अस्पताल को चालू करने के लिए एक जन आन्दोलन किया तथा विभिन्न स्रोतों से जमा की गयी जानकारी से पता चला कि, इस नवनिर्मित अस्पताल भवन में जुलाई २०११ से एक प्रसूति गृह चलाया जा रहा है तथा आज तक इस प्रसूति गृह में मात्र १८४ नार्मल डिलीवरी हुई है तथा इस अस्पताल में सीज़ेरियन डिलीवरी की सुविधा नहीं है! नगर निगम का कहना है कि, इस अस्पताल को राज्य सरकार को सौंप दिया गया है तथा अब उसका अस्पताल पर कोई नियंत्रण नहीं है! वहीँ दूसरी ओर, सिविल सर्जन ने इस अस्पताल को राज्य सरकार को सौंपे जाने से इनकार कर रहे हैं!

जनता की खून पसीने की गाढ़ी कमाई से बने, हैदर बाग़ अस्पताल से आमजन को लाभ पहुंचना तो दूर, इस पर किसका क़ब्ज़ा है, इसी को लेकर भ्रम बना हुआ है! नगर निगम से लेकर राज्यसरकार के आला अधिकारयों एवं मुख्य मंत्री तक को, एम् पी जे द्वारा को दर्जनों ज्ञापन सौंपे गए, मगर आजतक अस्पताल पूरी तरह चालू नहीं हो पाया! अब एम् पी जे ने नयायालय की शरण ली है! माननीय बॉम्बे उच्च न्यायालय की औरंगाबाद खंडपीठ ने एम् पी जे की अस्पताल से सम्बन्धीत जनहित याचिका को स्वीकार करते हुए, सम्बंधित पक्षों को नोटिस जारी किया है! इस से स्थानीय लोगों में उम्मीद की नई किरण जगी है!


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